Precocious Puberty: महज 7 साल की उम्र में पीरियड्स! डॉक्टर ने बताया क्यों नहीं करना चाहिए नजरअंदाज
Health News: तेजी से बदलती लाइफस्टाइल जहां स्वास्थ्य समस्या का कारण बन रही है, वहीं छोटी उम्र की बच्चियों में भी तेजी से शारीरिक बदलाव चिंता का सबब बन रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो हाल ही में एक 7 साल बच्ची को पीरियड्स शुरू (Precocious Puberty) हो गए थे। डॉक्टर के मुताबिक, इतनी कम उम्र में मासिक धर्म शुरू होना सामान्य प्यूबर्टी की उम्र से काफी पहले माना जाता है और इसकी मेडिकल जांच कराना जरूरी हो सकता है।
जल्दी पीरियड्स आने के क्या हैं मायने?
लड़कियों में आमतौर पर प्यूबर्टी के दौरान शरीर में धीरे-धीरे बदलाव आते हैं। ब्रेस्ट डेवलपमेंट, शरीर के बालों में बदलाव और बाद में पीरियड्स शुरू होना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
लेकिन अगर 8 साल की उम्र से पहले प्यूबर्टी के स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगें या बहुत कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाएं, तो डॉक्टर इसे Precocious Puberty यानी समय से पहले यौवन के तौर पर जांच सकते हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर ऐसे मामले में कोई गंभीर बीमारी ही मौजूद है। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए बच्चे को देखकर खुद कोई निष्कर्ष निकालने के बजाय बाल रोग विशेषज्ञ या पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
बढ़ता वजन और मोटापा भी Precocious Puberty की एक वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में बढ़ता वजन और मोटापा प्यूबर्टी जल्दी शुरू होने से जुड़ा हो सकता है। शरीर में फैट टिश्यू बढ़ने पर हार्मोन के स्तर और शरीर की हार्मोनल प्रक्रिया में बदलाव आ सकते हैं।
आज बच्चों की दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि कम होना, लंबे समय तक मोबाइल या टीवी देखना और जंक व अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन वजन बढ़ने की वजह बन सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि समय से पहले प्यूबर्टी का कारण केवल मोटापा नहीं होता। कुछ मामलों में हार्मोनल बदलाव, मस्तिष्क से जुड़े कारण या अन्य मेडिकल स्थितियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।
कॉस्मेटिक और कुछ केमिकल्स भी जिम्मेदार
कुछ शोधों में ऐसे केमिकल्स पर भी अध्ययन किया गया है जो शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें BPA और कुछ phthalates जैसे पदार्थ शामिल हैं, जो कुछ प्लास्टिक और व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पादों में पाए जा सकते हैं।
हालांकि, किसी एक कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को सीधे कम उम्र में पीरियड्स शुरू होने का कारण मानना सही नहीं होगा। इन पदार्थों और समय से पहले प्यूबर्टी के बीच संभावित संबंध को लेकर अभी भी वैज्ञानिक अध्ययन जारी हैं।
इसलिए माता-पिता को अनावश्यक डरने के बजाय बच्चों के लिए सुरक्षित और उम्र के अनुरूप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने पर ध्यान देना चाहिए।
बच्चों की दिनचर्या पर दें ध्यान
बच्चों की रोजमर्रा की आदतें उनके संपूर्ण स्वास्थ्य पर असर डालती हैं। इसलिए माता-पिता को उनकी डेली रूटीन में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- बच्चों को रोज पर्याप्त शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करें।
- जंक और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखें।
- बहुत ज्यादा मीठे पेय और शुगर वाली ड्रिंक्स से बचें।
- बच्चों की नींद पूरी होने दें और नियमित स्लीप रूटीन बनाएं।
- लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने की आदत को कम करें।
- बच्चे के वजन और विकास पर नजर रखें।
Precocious Puberty के क्या हैं प्रभाव?
कम उम्र में प्यूबर्टी शुरू होने पर बच्ची को शारीरिक बदलावों का सामना अपने हमउम्र बच्चों से पहले करना पड़ सकता है। इससे कुछ बच्चों में भावनात्मक तनाव या अपने शरीर में हो रहे बदलावों को लेकर असहजता पैदा हो सकती है।
मेडिकल दृष्टि से भी समय से पहले सेक्स हार्मोन के संपर्क में आने से हड्डियों की ग्रोथ प्लेट्स जल्दी बंद होने की संभावना हो सकती है। कुछ मामलों में इससे अंतिम वयस्क लंबाई प्रभावित हो सकती है।
समय से पहले प्यूबर्टी के कुछ मामलों में मोटापे और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों पर भी शोध हुआ है। लेकिन हर बच्ची में एक जैसा असर हो, यह जरूरी नहीं है।
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जल्दी आएं पीरियड्स तो घबराएं नहीं, लें विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह
यदि 8 साल से पहले ब्रेस्ट डेवलपमेंट, प्यूबिक हेयर या शरीर में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहे हों, या बहुत कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाएं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
डॉक्टर बच्चे की उम्र, लंबाई-वजन, शारीरिक विकास और अन्य लक्षणों को देखकर जरूरत के अनुसार हार्मोन टेस्ट या बोन एज जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माता-पिता ऐसे बदलावों को शर्म या डर की वजह से छिपाएं नहीं। समय पर विशेषज्ञ की सलाह मिलने से कारण समझने और जरूरत पड़ने पर उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए लिखा गया है। कम उम्र में प्यूबर्टी या पीरियड्स शुरू होने की स्थिति में बच्चे की व्यक्तिगत जांच की सलाह दी जाती है। उचित सलाह के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।