असंतुलित जीवन शैली दुखों का कारण, योग ही निवारण: प्रो० नेगी
नरेंद्र नगर (टिहरी गढ़वाल)। मानवीय सीमा, समय और मौसमानुकूल संतुलन न होने के कारण असंतुष्टि और दुखों के कारण बढ़ते जा रहे हैं जिसका निवारण जीवन में योग अपनाकर किया जा सकता है, यह वक्तव्य प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर विजय सिंह नेगी ने 15 दिवसीय योग शिविर के समापन अवसर पर योग प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय के पर्यटन विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति के सहयोग से देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार ने महाविद्यालय परिसर में 15 दिवसीय योग शिविर आयोजित किया है।
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शिविर की प्रशिक्षक मानसी को इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षणार्थी डॉ रंजीत जौहरी एवं रचना कठैत ने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किये। योग प्रशिक्षक मानसी ने महाविद्यालय परिवार के द्वारा उन्हें दिए गये सम्मान के प्रति आभार प्रकट किया है।
शिविर प्रतिभागियों को डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल, डॉ भारती जायसवाल ने भी संबोधित किया। इस प्रकार समूह फोटोग्राफी के साथ 15 दिवसीय योग शिविर का समापन हो गया। इस अवसर पर कॉलेज प्राध्यापक डॉ बी पी पोखरियाल, डॉ सोनी तिलारा, डॉ हरीश रतूड़ी, डॉ नेतराम , डॉ इमरान अली,सत्येंद्र, विशाल, सोनिया,रमा,शमशेर चौहान आदि प्रमुख तौर पर उपस्थित रहे समापन कार्यक्रम का संचालन डॉ जितेंद्र नौटियाल ने किया।
