उद्यम के लिए चौमुखी संभावनाओं पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम
12 दिवसीय देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रशिक्षण शिविर का समापन
नरेंद्रनगर। वानस्पतिक ,औद्योगिक ,संदेश निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उत्पादन एवं वित्तीय तथा मनोवैज्ञानिक प्रबंधन के प्रशिक्षण के साथ 12 दिवसीय देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया।
राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर में इन दिनों उद्यमिता विकास को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में कॉलेज प्राचार्य डॉ यू सी मैठाणी, उत्तराखंड जन जागृति संस्था के अरण्य रंजन ,गोविंद दर्शन जन सहकारी समिति के दर्शन शाह, स्वतंत्र सलाहकार विपिन रतूड़ी, जड़ी बूटी विशेषज्ञ डॉ एस एन मिश्रा के अलावा देवभूमि उद्यमिता योजना की उत्तराखंड परियोजना को ऑर्डिनेटर रातुला दास विशेष रूप से मौजूद रही। सभी अतिथियों को देवभूमि उद्यमिता योजना नरेंद्रनगर महाविद्यालय इकाई ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर जन सहभागिता एवं उद्यमिता के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था प्रमुखों ने संबोधित किया। गोविंद दर्शन जन सहकारी समिति के दर्शन शाह ने उद्यान, कृषि और पशुपालन के माध्यम से आजीविका के संवर्धन पर जोर दिया उन्होंने मिलैट मिशन” योजना से महिला किसानों की आय दोगुनी करने का वचन दिया।डॉ एस एन मिश्रा ने कहा कि हिमालय में दिव्य औषधियां की खेती से जीविका संवर्धन की अपार संभावनाएं हैं। जन जागृति संस्था के अरण्य रंजन ने उद्यम और व्यापार को समझते हुए पहाड़ी उत्पादों को “समौण”अवधारणा के साथ स्वावलंबन एवं रोजगार सृजन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। स्वतंत्र सलाहकार विपिन रतूड़ी ने रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर के रूप में वस्तुओं की ब्रांडिंग पैकेजिंग और मार्केटिंग में सहयोग देने का वचन दिया।
देवभूमि उद्यमिता परियोजना समन्वयक रातुला दास ने प्रशिक्षणार्थी छात्रों को आश्वासन दिया कि उनके आइडियाज की विस्तृत डी पीआर बनाकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी तथा प्रोडक्ट टू सर्विस में सहयोग किया जाएगा उन्होंने “आपकी इच्छा हमारा साथ”का स्लोगन दिया।
इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य एवं रातुला दास ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष सहयोग के लिए कॉलेज कार्मिक अजय पुंडीर,शिशुपाल रावत एवं विशाल त्यागी को स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया। प्रशिक्षण शिविर में स्थानीय उद्यमी योगेश नेगी द्वारा स्थानीय उत्पादों पर निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी विपणन हेतु लगाई गई। इससे पूर्व कॉलेज छात्रा प्रियंका और महेश चौहान ने रंगारंग लोक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मनोरंजन किया।
कार्यक्रम के सफल संपादन के लिए नोडल ऑफिसर डॉक्टर संजय महर ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, उत्तराखंड सरकार, उच्च शिक्षा निदेशक, भारतीय उद्यमिता संस्थान, उपस्थित प्राध्यापकों एवं प्रशिक्षणार्थियों का आभार प्रकट किया और आशा प्रकट की कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का व्यावहारिक धरातल पर कुछ ना कुछ परिणाम शीघ्र देखने को मिलेगा।