एमडीडीए के लिए बनेगा नया प्रतीक, बेहतरीन मैस्कॉट डिजाइन पर इनाम

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अपनी विशिष्ट पहचान विकसित करने के उद्देश्य से पहली बार राज्यस्तरीय ‘मैस्कॉट डिज़ाइन एवं स्लोगन प्रतियोगिता-2026’ आयोजित करने की घोषणा की है। प्रतियोगिता 3 अगस्त से 16 अगस्त तक आयोजित होगी, जिसमें आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कलाकारों और डिज़ाइनरों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। मैस्कॉट श्रेणी के विजेता को ₹50 हजार तथा सर्वश्रेष्ठ स्लोगन के लिए ₹10 हजार का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य ऐसा मौलिक मैस्कॉट तैयार करना है, जो प्राधिकरण की विकास योजनाओं, जनसहभागिता, नागरिक जागरूकता और जनशिक्षा अभियानों का प्रभावी प्रतिनिधि बन सके। प्रतिभागियों को मैस्कॉट के साथ एमडीडीए के लिए एक आकर्षक एवं रचनात्मक स्लोगन भी प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रविष्टियां केवल ऑनलाइन माध्यम से JPEG, PNG या PDF प्रारूप में स्वीकार की जाएंगी। प्रत्येक प्रविष्टि के साथ डिज़ाइन की अवधारणा, पात्र का परिचय तथा स्लोगन के औचित्य से संबंधित संक्षिप्त कॉन्सेप्ट नोट भी अनिवार्य होगा।

प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, मौलिकता, सार्वभौमिक आकर्षण तथा विभिन्न माध्यमों में उपयोग की क्षमता के आधार पर किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार किए गए डिज़ाइन प्रतियोगिता के लिए मान्य नहीं होंगे।

प्रतियोगिता में मैस्कॉट श्रेणी के प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को क्रमशः ₹50 हजार, ₹30 हजार और ₹15 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि सर्वश्रेष्ठ स्लोगन या टैगलाइन के लिए ₹10 हजार का पुरस्कार निर्धारित किया गया है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विद्यार्थियों, कलाकारों, डिज़ाइनरों, रचनात्मक युवाओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पहल जनसहभागिता के माध्यम से एमडीडीए की ऐसी पहचान स्थापित करेगी, जो देहरादून के विकास, नवाचार और नागरिकों की आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त कर सके। प्रतियोगिता के पंजीकरण एवं विस्तृत दिशा-निर्देश क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं।

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने शिक्षण संस्थानों, मीडिया तथा सामाजिक संगठनों से प्रतियोगिता के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभिनव पहल से जुड़ सकें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.