संचार उद्यमी के रूप में स्वावलंबन और रोजगार सृजन की असीम संभावनाएं: डॉ बर्त्वाल
नरेंद्रनगर। ऑडियो, वीडियो, टेक्स्ट एवं वेब के माध्यम से संदेशों को निर्मित कर युवा सूचना एवं संचार उद्यमी के रूप में अपने आप को स्थापित कर सकते हैं। जिससे धन, ख्याति को अर्जित करने के साथ आप रोजगार का सृजन भी कर सकते हैं। यह विचार डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल ने बतौर विशेषज्ञ ‘देव भूमि उद्यमिता योजना के प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
इन दिनों राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान,अहमदाबाद के दिशा निर्देशन में ‘देव भूमि उद्यमिता योजना’ के अंतर्गत 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। आज प्रशिक्षण के तीसरे दिन डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल ने “पत्रकारिता जगत में कौशल आधारित प्रशिक्षण” विषय पर ‘ मास मीडिया’ और न्यू मीडिया के लिए मैसेज मेकिंग विषय और तकनीकी बारीकियां समझाकर छात्रों को घर बैठे उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड की संस्कृति के प्रचार प्रसार में भी मदद मिलेगी।
इससे पूर्व भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद के उत्तराखंड कार्यक्रम समन्वयक गिरधर बिष्ट ने डॉ बर्त्वाल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में गिरधर ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत भी उद्यमिता विषय को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ में भी उद्यमिता की नई परिभाषाओं को जन्म दिया है। विष्ट ने स्थानीय संपदा के प्रति ज्ञान एवं उसके व्यावहारिक उपयोग के लिए प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकसित करने के लिए जोर दिया।
देवभूमि उद्यमिता विकास कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ संजय मेहर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक विषयों से हटकर कौशल विकास की ओर अपना दृष्टिकोण केंद्रित करें, जिससे कि स्वावलंबी भविष्य का निर्माण हो सके ।
इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ आराधना सक्सेना, डॉ रंजीता, डॉ जितेंद्र नौटियाल, अजय, शिशुपाल, विशाल त्यागी के अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।