मुख्यमंत्री धामी का कांग्रेस पर हमला, बोले- कारगिल विजय के गौरव को भी राजनीति की नजर से देखा गया
CM धामी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- कारगिल विजय पर भी हुई राजनीति
देहरादून: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित शौर्य दिवस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कारगिल विजय जैसी ऐतिहासिक उपलब्धि को भी राजनीतिक दृष्टि से देखा और वीर सैनिकों के शौर्य को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। (मुख्यमंत्री धामी का कांग्रेस पर हमला)
‘देश वीर जवानों के बलिदान को नमन कर रहा है’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों का बलिदान सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश उन शहीदों और सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
‘पहले नहीं मनाया जाता था कारगिल विजय दिवस’
धामी ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कारगिल विजय दिवस को वर्तमान की तरह महत्व नहीं दिया जाता था। उनके अनुसार यह उस समय की राजनीतिक सोच और सेना के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सेना के पराक्रम को सम्मान देने की बजाय उसे राजनीतिक नजरिए से देखा गया।
भारतीय सेना हमेशा राष्ट्रहित में कार्य करती है
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना कभी भी राजनीतिक विचारधारा से प्रभावित होकर कार्य नहीं करती। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुनिया की सबसे सक्षम और अनुशासित सेनाओं में शामिल है, जिसने हर चुनौती के समय साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया है।
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अटल सरकार का भी किया उल्लेख
धामी ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान केंद्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी। उनके अनुसार, उसी कारण कारगिल विजय के गौरव को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला और इसे राजनीतिक चश्मे से देखा गया। उन्होंने इसे राजनीतिक संकीर्णता का उदाहरण बताया।
कांग्रेस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सेना के प्रति सोच हमेशा सकारात्मक नहीं रही। उन्होंने कहा कि सैनिकों के शौर्य और शहीदों के बलिदान को राजनीतिक मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और देश की जनता इसे कभी नहीं भूलेगी।