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आलेख
सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, समझदारी से लगाना ज़रूरी है
आलेख: पेड़ लगाना जलवायु परिवर्तन से लड़ाई का आसान हल माना जाता है। लेकिन Science जर्नल में छपी एक नई स्टडी कहती है कि हकीकत उतनी सीधी नहीं है। रिसर्च के मुताबिक दुनिया भर में अगर पेड़ लगाने और जंगल बहाल करने के काम सही जगह पर और टिकाऊ तरीके…
गंगोत्री की जलकथा बदल रही है: बर्फ़ घट रही, बारिश बढ़ रही
आलेख: उत्तराखंड की ऊँचाइयों में बसी गंगोत्री घाटी, जहाँ से गंगा की धारा जन्म लेती है, देश के करोड़ों लोगों की आस्था और ज़िंदगी का आधार है। सदियों से यहाँ की बर्फ़ और ग्लेशियर का पिघलता पानी मैदानों तक पहुँचकर खेतों को सींचता रहा, बिजलीघरों…
संस्कृत दिवस की महत्ता व उपयोगिता; वैदिककाल से लेकर वर्तमान संदर्भ में
डॉ राम भूषण बिजल्वाण
“भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृतिस्तथा”
भारतीय ज्ञान परंपरा को संस्कृत भाषा और उसका बृहद् इतिहास ही परिपुष्ट करता है। भारत जाना ही जाता है अपनी संस्कृति और संस्कृत के लिए। संस्कृत सिर्फ़ देवभाषा या…
उत्तराखंड की आपदा: जब हिमालय ने चुप्पी तोड़ी, और हमारे तैयार न होने की कीमत चुकाई गई
दोपहर का वक्त था। बादल घिरे थे, पर कोई डर नहीं था। यह तो पहाड़ों का रोज़ का मिज़ाज है। लेकिन अचानक, जैसे किसी ने आसमान के दरवाज़े को खोल दिया हो।
एक गगनचुंबी जलधारा सीधी पहाड़ से उतरती हुई धाराली की गलियों में घुस गई। जो सामने आया, उसे…
अब AI सुनेगी, समझेगी हवा और सलाह देगी…
आलेख: IIT Kanpur और IBM की साझेदारी से उत्तर प्रदेश में AI बनाएगी साफ़ सांसों के नक्शे। हम अक्सर हवा को महसूस तो करते हैं, पर क्या हम उसे सुन और समझ पाते हैं?
न हमें धुएं की चीख़ सुनाई देती है, न उसमें घुले ज़हरीले कणों की फुसफुसाहट। कभी…
बिजली के भविष्य की जंग अभी से शुरू हो चुकी है—क्या भारत वाकई तैयार है?
नई दिल्ली की गर्म दोपहर में जब देश की ऊर्जा पर बात हुई, तो सिर्फ़ AC के रिमोट नहीं, सोच के स्विच भी ऑन हुए
आलेख। 18 जून को दिल्ली के इंटरनेशनल सेंटर में कुछ ऐसे लोग एक साथ बैठे, जो भारत की ऊर्जा नीति के मानचित्र पर कल की दिशा तय…
बॉन सम्मेलन की तैयारी: जलवायु संकट, फाइनेंस और फॉसिल फ्यूल पर दुनिया की नज़र
आलेख। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की मध्य वर्ष की बैठक (UNFCCC Bonn Climate Conference) सोमवार आज से शुरू हो रही है। 26 जून तक चलने वाली ये बातचीत इस वक्त हो रही है जब हाल ही में मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी कि 2029 से पहले…
एक रुपया लगाओ, दस वापस पाओ; जलवायु संकट में भी है कमाई का मौका!
आलेख: अब तक हमने जलवायु परिवर्तन की बात डर से जोड़ते हुए की है — कि बाढ़ आएगी, आग लगेगी, बीमारियाँ बढ़ेंगी, और हमारी ज़िंदगी बदल जाएगी। लेकिन अब वक़्त है नज़रिया बदलने का। क्योंकि सिर्फ़ डर बेचने से न तो सियासत चलती है, न समाज बदलता है।…
हिमालय की बर्फ़ खा गया ‘ब्लैक कार्बन’: दो दशक में बढ़ा 4°C तापमान, पानी संकट गहराने का ख़तरा
अभिज्ञान समाचार (आलेख)। हिमालय की बर्फ़ तेजी से पिघल रही है। वजह? हमारे चूल्हों से उठता धुआं, खेतों में जलाई जा रही पराली, और गाड़ियों से निकलता धुआं — यानी 'ब्लैक कार्बन'। दिल्ली की एक रिसर्च संस्था Climate Trends की नई रिपोर्ट बताती है कि…
अन्तरिक्ष की उड़ान ले रही जलवायु की जान
मयूरी
आलेख। सोचिए! एक तरफ़ दुनिया भयंकर गर्मी, बाढ़ और खाने के संकट से जूझ रही है, और दूसरी तरफ़ चंद अमीर लोग कुछ मिनटों के लिए अंतरिक्ष घूमने निकल पड़े हैं।
ये दौड़ सिर्फ़ शौक़ की नहीं है, ये जलवायु अन्याय और गैर-जिम्मेदारी की एक…