गढ़वाल की तीनों सीटों पर भाजपा का सत्ता मिशन, चुनावी रणनीति पर मंथन

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। मंगलवार को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में गढ़वाल मंडल की तीनों लोकसभा सीटों—टिहरी, गढ़वाल और हरिद्वार—को लेकर अलग-अलग चरणों में महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। बैठकों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद, विधायक, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और जिला संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठकों में संबंधित लोकसभा क्षेत्रों की राजनीतिक एवं सांगठनिक स्थिति की समीक्षा के साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, सरकार के विकास कार्यों और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विस्तृत मंथन हुआ। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई।

टिहरी से शुरू हुआ बैठकों का दौर

बैठकों के क्रम में सबसे पहले टिहरी लोकसभा क्षेत्र को लेकर मंथन हुआ। टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह स्वास्थ्य कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। उनकी अनुपस्थिति में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित लोकसभा क्षेत्र के विधायक और संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। इसके बाद गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र और शाम को हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र को लेकर बैठक हुई। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत दोनों लोकसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि और संगठन पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी भाजपा : बलूनी

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि भाजपा की बैठकों को भले ही आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा हो, लेकिन पार्टी की कार्यशैली विकास केंद्रित है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पिछले साढ़े नौ वर्षों में हुए विकास कार्य जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा “अटल जी ने बनाया और मोदी जी संवार रहे हैं” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखंड के विकास को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर जनता एक बार फिर भाजपा को अपना आशीर्वाद देगी।

सरकार के कामकाज और संगठन की गतिविधियों पर मंथन
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि बैठकों में पार्टी और सरकार से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। सरकार की योजनाओं की प्रगति, विकास कार्यों, संगठन की गतिविधियों और आगामी रणनीति को लेकर पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि भाजपा चुनावी मोड में है और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ ही विकास कार्यों की जानकारी प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सालभर चुनावी तैयारी के लिए तैयार रहता है संगठन : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा ऐसा संगठन है, जो वर्षभर अपने कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि बैठकों का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ ही कार्यकर्ताओं के सुझाव, सवाल और आगामी लक्ष्यों पर चर्चा करना है। उन्होंने संगठन और कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी व्यापक स्तर पर पहुंच सकता है, जब संगठन का कार्यकर्ता उसे जनता तक लेकर जाए।

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी में संगठन सर्वोपरि है और संगठन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कार्यकर्ता पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंडल अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों के साथ बैठकों का चरण पूरा होने के बाद अब लोकसभा स्तर पर सांसदों और विधायकों के साथ विस्तृत मंथन किया जा रहा है।

बैठकों के माध्यम से पार्टी जहां प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रही है, वहीं आगामी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को लक्ष्य आधारित जिम्मेदारियां सौंपने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की चुनौती
उत्तराखंड में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा के सामने राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की चुनौती है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।

एक ही दिन में गढ़वाल की तीनों लोकसभा सीटों को लेकर हुई बैठकों को भाजपा की 2027 की चुनावी तैयारियों की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इन बैठकों के जरिए पार्टी ने जहां संगठन की जमीनी स्थिति को परखने की कवायद तेज की है, वहीं सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर चुनावी रणनीति को बूथ स्तर तक उतारने का संकेत भी दिया है।

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