माघ मेला की भारी भीड़ में बिछड़ी 6 वर्षीय नेपाली बालिका को यातायात पुलिस व ऑपरेशन स्माइल ने सकुशल लौटाया परिवार को
उत्तरकाशी (रॉबिन वर्मा): उत्तरकाशी के प्रसिद्ध माघ मेला (The famous Magh Mela of Uttarkashi) में शनिवार को भारी भीड़ के बीच एक मासूम 6 वर्षीय नेपाली मूल की बालिका अपने परिजनों से बिछड़ गई। रोती हुई बच्ची को यातायात पुलिस और एनजीओ ऑपरेशन स्माइल की संयुक्त टीम ने तत्परता से खोजा और ‘खोया-पाया’ केंद्र पर लाकर उसके परिवार के चंगुल में सौंप दिया। यह घटना मेले की सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ बन गई।
मेले में नेपाली समुदाय से ताल्लुक रखने वाली छोटी बालिका का नाम रिया (काल्पनिक नाम) बताया गया। परिजनों के अनुसार, वे भगवान गंगोत्री नाथ के दर्शन के लिए भीड़ में उमड़ पड़े थे, तभी बच्ची हाथ छूट गई। यातायात पुलिसकर्मी राम सिंह और ऑपरेशन स्माइल की स्वयंसेविका मीना जोशी ने बच्ची को रोते देखा और तुरंत खोया-पाया केंद्र की ओर ले गए। वहां बच्ची के परिजनों की जानकारी एकत्र कर, मात्र एक घंटे में उन्हें खोज निकाला।
परिजनों को सौंपते हुए एसएसआई मनोज कुमार ने हिदायत दी कि भविष्य में बच्चों को हाथों में कलाई बैंड बांधें, जिसमें मोबाइल नंबर लिखा हो। ऑपरेशन स्माइल के संयोजक ने बताया कि मेला में अब तक 15 से अधिक बच्चों को सकुशल लौटाया जा चुका है। माघ मेला, जो गंगा स्नान और लोक नृत्यों के लिए विख्यात है, में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
परिजनों ने पुलिस और एनजीओ टीम का आभार जताते हुए कहा, “यह हमारी भाग्यशाली दिन है। मेले का आशीर्वाद मिला।” जिला प्रशासन ने सभी आयोजकों को निर्देश दिए हैं कि भीड़ प्रबंधन और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
