राहुल गांधी पर FIR के बाद कांग्रेस हमलावर, भाजपा पर लगाया आवाज दबाने का आरोप
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की कथित बौखलाहट और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि भाजपा विचारों, तथ्यों और जनहित के मुद्दों पर मुकाबला करने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने के लिए मुकदमों और एफआईआर का सहारा ले रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों, युवाओं, महिलाओं, संविधान और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर भाजपा को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें डराने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कांग्रेस ऐसे किसी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।
कांग्रेस ने अनुसूचित जाति समाज की भावनाओं के मुद्दे पर भाजपा के रुख पर भी सवाल उठाए। पार्टी ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या किसी दलित नेता की मौजूदगी से कोई मंच अपवित्र हो सकता है। कांग्रेस ने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई थी तो भाजपा को पहले उस मानसिकता पर जवाब देना चाहिए, जिसमें किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानने की सोच दिखाई देती है।
कांग्रेस ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार देता है और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा स्थापित सामाजिक न्याय की बुनियाद को किसी राजनीतिक दबाव से कमजोर नहीं किया जा सकता। पार्टी के अनुसार, राहुल गांधी की राजनीति किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि असमानता, विभाजन और नफरत की राजनीति के खिलाफ है।
कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल गांधी लगातार संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय, समान अवसर तथा दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों की भागीदारी जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। पार्टी ने कहा कि यही कारण है कि भाजपा राहुल गांधी के सवालों से असहज है। कांग्रेस के मुताबिक, लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व सत्ता से सवाल पूछना और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एफआईआर और मुकदमों के जरिए राहुल गांधी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। पार्टी ने भाजपा से सवाल किया कि यदि उसे वास्तव में दलित समाज के सम्मान की चिंता है तो उसे सामाजिक भेदभाव से जुड़ी कथित घटनाओं और उन पर उठ रहे सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस कार्रवाई का विरोध करेगी। पार्टी ने कहा कि “एफआईआर से आवाजें नहीं दबतीं, बल्कि संघर्ष और मजबूत होता है।” कांग्रेस ने दोहराया कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा की लड़ाई जारी रहेगी तथा राहुल गांधी की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।