रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान व सशक्तिकरण को बताया प्राथमिकता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में मातृशक्ति के साथ पर्व मनाया। जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बहनों के स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास, समर्पण और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह पर्व समाज में नारी सम्मान के महत्व का भी स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ समाज और संस्कृति की भी महत्वपूर्ण शक्ति है।
जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज सही अर्थों में समृद्ध और संस्कारित बनता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में मातृशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं। उत्तराखंड की महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों को अपनी शक्ति में बदलते हुए परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र की योजनाओं का उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी अभियान जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
उन्होंने महिला आरक्षण, शौचालय निर्माण तथा तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ उठाए गए कदमों को भी महिला अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
प्रदेश में पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब पांच लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। सात हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिलाओं के सामूहिक नेतृत्व और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सशक्तिकरण के साथ महिलाओं को सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों के स्तर पर भी मजबूत किया जा रहा है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है।
34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कठोर व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिलें।
28 और 29 अगस्त को महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की। इससे महिलाएं रक्षाबंधन पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए सुगमता से यात्रा कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह रक्षाबंधन समारोह में केवल
मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में बहनों के बीच पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कोई परेशानी हो तो वह अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। सरकार उसकी समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें और युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त रहें। उन्होंने मातृशक्ति से निरंतर सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद की अपेक्षा की।
चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वहीं, सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।