डिजिटल साक्षरता व साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन
नरेंद्रनगर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्रनगर के करियर काउंसलिंग एवं स्किल डेवलपमेंट सेल एवं एनएसएस के अंतर्गत, ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, देहरादून के सहयोग से “डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा जागरूकता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्याय की प्राचार्या प्रो. प्रणीता नंद, ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, देहरादून से आए वक्ताओ एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ संयुक्त रूप से किया। प्रो. प्रणीता नंद ने अपने सम्बोधन मे कहा कि डिजिटल युग में छात्रों का सुरक्षित और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। छात्रों को साइबर खतरों से बचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता और विशेषज्ञ डॉ. महेश मंचन्दा एवं डॉ. पीयूष बागला ने डिजिटल साक्षरता के महत्व, ऑनलाइन डेटा सुरक्षा, साइबर अपराधों के प्रकार, सोशल मीडिया की जिम्मेदारी तथा पासवर्ड सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रॉजेक्टर के माध्यम से विस्तार से प्रकाश डाला, तथा साथ ही बताया कि आज डिजिटल युग मे हम अपने को कैसे सुरक्षित रख सकते है । मंच संचालन करते हुये कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि यह कार्यशाला युवाओं को डिजिटल तकनीकों के सही उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सजग करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
छात्रों ने इस कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लिया और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। यह कार्यशाला युवाओं को आधुनिक डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी गई। सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए I छात्र-छात्राओं ने कार्यशाला मे बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
इस दौरान डॉ. सुधा रानी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज फोंदनी, डॉ. कमल बिष्ट, डॉ. सुशील कागरियाल, डॉ. हिमांशु, डॉ. राजपाल रावत, डॉ. सृचना सचदेवा, डॉ. नताशा, डॉ. सोनी तिलरा, डॉ. जितेंद्र नौटियाल, डॉ. रंजिता जोहरी, अजय एवं विशाल त्यागी आदि के साथ समस्त स्टाफ और छात्र उपस्थित रहें I
नरेंद्रनगर में धूमधाम से मनाया गया संविधान दिवस
नरेंद्रनगर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में संविधान दिवस के अवसर पर महाविद्यालय प्राध्यापकों, कार्मिक एवं छात्र छात्राओं ने संविधान दिवस धूम धाम से मनाया। छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ यू सी मैथानी ने भारतीय संविधान की विशेषताओं को रेखांकित किया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ नूपुर गर्ग ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के इतिहास और विकास यात्रा पर बात रखते हुए कहा कि कैसे बंकिम चंद चटर्जी ने प्रत्येक सरकारी समारोह में सेव द क्वीन गीत के संभवतः विकल्प के तौर पर बंगला और संस्कृत मिश्रित वंदे मातरम् गीत की रचना की। राष्ट्र गीत की 150 वीं वर्ष गाँठ पर सभी ने सधे सुर से वंदे मातरम् गीत का गान किया। इस अवसर पर सभी शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण और छात्र छात्राएँ उपस्थित रहे।