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साई इंस्टीट्यूट में दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न, एक्स्पर्ट्स ने छात्रों को बताई कम बजट में ऑर्गेनिक कंपोस्ट बनाने की विधि

देहरादून। साई इंस्टीट्यूट के डिपार्टमेंट ऑफ एग्रो साइन्सेज व महिंद्रा एण्ड नंदी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला का आज समापन हो गया। कार्यशाला में एक्सपर्ट्स ने छात्रों को एग्रीकल्चर सेक्टर में आ रहे नए बदलाओं की जानकारी दी। वर्कशॉप के दूसरे दिन छात्रों को ऑर्गेनिक कंपोस्ट तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।

राजपुर रोड़ स्थित साई ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूशन्स में ‘Agriculture and Food System Skills’ विषय पर आधारित दो दिवसीय वर्कशॉप के पहले दिन एग्रो साइन्सेज के छात्रों को एग्रीकल्चर सेक्टर के इतिहास एवं उससे जुड़े महान आंदोलनों की जानकारी दी गई। नंदी फाउंडेशन की ऐग्रिकल्चर एक्सपर्ट सृष्टि ने छात्रों को भारत में हुई हरित क्रांति के बाद कृषि क्षेत्र में हुए विकास को आंकड़ों के जरिए समझाया। उन्होनें हरित क्रांति के बाद sustainable agriculture तथा अकार्बनिक खेती के प्रभाव व महत्व पर आधारित केस स्टडी पर भी चर्चा की। इस दौरान छात्रों ने भी एग्रीकल्चर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रस्तुतीकरण दिया।

साथ ही विभागीय शिक्षकों ने छात्रों को न्यू एग्रीकल्चर टेकनीक्स की जानकारी दी। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रैक्टिकल सेशन में छात्रों ने कम बजट में ऑर्गेनिक कंपोस्ट बनाने की विधि को जाना। छात्रों को नंदी कंपोस्ट, पंच गव्य व जीव अमृत जैसी विभिन्न कंपोस्ट बनाने तथा खेती में इनके इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रिंसिपल डॉ संध्या डोगरा, डायरेक्टर एकेडेमिक्स जीबी सेबेस्टियन, एचओडी हॉर्टीकल्चर डॉ संजीत, एचओडी एग्रीकल्चर अंकित बलूनी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

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