पेरिस समझौते से और दूर ले जा रही है दुनिया की फॉसिल फ्यूल योजनाएँ: नई रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष बताते हैं कि:
- सरकारें अब 2035 तक कोयले और 2050 तक गैस उत्पादन और भी बढ़ाने की तैयारी में हैं।
- तेल उत्पादन की योजनाएँ भी लगातार बढ़ रही हैं।
- अगर पेरिस समझौते का लक्ष्य पाना है तो अब बहुत तेज़ी से और बड़े पैमाने पर फॉसिल फ्यूल उत्पादन घटाना होगा। वरना अरबों डॉलर की पब्लिक फंडिंग ऐसे प्रोजेक्ट्स पर बर्बाद होगी जो आगे चलकर बेकार (stranded assets) साबित होंगे।