एसजीआरआर विश्वविद्यालय के छात्रों ने देखा गुजरात के कच्छ और भुज का क्षेत्र
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है गुजरात का यह क्षेत्र
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क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक समस्याओं को भी समझा
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के रक्षा एवं सामरिक अध्ययन एवं समाजिक कार्य विभाग के छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत गुजरात राज्य का दौरा किया। भ्रमण का उद्देश्य गुजरात के कच्छ और रण क्षेत्रों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामरिक महत्व को समझना था। छात्रों को इस क्षेत्र की समृद्ध विरासत और भू-राजनीतिक महत्व के बारे में जानने का अवसर मिला, साथ ही उन्होंने स्थानीय समुदायों द्वारा सामना की जाने वाली सामाजिक-आर्थिक समस्याओं को भी समझा।
छात्र-छात्राओं ने भुज और कच्छ क्षेत्र के सैन्य इतिहास से संबंधित हिस्सों का अध्ययन किया जिसमें विशेष रूप से 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और कच्छ के रण के सामरिक महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया।
छात्रों ने कच्छ रण संग्रहालय का भ्रमण किया, जिसमें स्थानीय कलाकृतियों, शिल्पकला और क्षेत्र के इतिहास एवं संस्कृति से संबंधित प्रदर्शनियों का संग्रह है। संग्रहालय अधिकारियों के साथ बातचीत से छात्रों को सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और जनता को शिक्षित करने में संग्रहालय की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
भ्रमण दल का नेतृत्व करने वाले शिक्षक डॉ. अमरदीप चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रों को कच्छ के रण के पास स्थित भारत-पाकिस्तान सीमा पर भी ले जाया गया जहां उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कार्यों को देखा और क्षेत्र में उनके संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस बातचीत से छात्रों को इस संवेदनशील सीमा क्षेत्र के प्रबंधन की जटिलताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में सैन्य बलों की भूमिका को समझने में सहायता मिली।
दल के साथ गईं एवं डॉ. पारूल अग्रवाल ने बताया कि छात्रों ने आस-पास के गांवों का दौरा भी किया और वहां के लोगों विशेष रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों का अध्ययन किया। एमएसडब्ल्यू के छात्रों ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और आजीविका के अवसरों जैसी स्थानीय समस्याओं पर सर्वेक्षण किया। टीम ने जलवायु परिवर्तन और जल संकट के स्थानीय निवासियों की आजीविका पर प्रभाव पर भी चर्चा की, जिसमें सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। छात्रों ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का भी भ्रमण किया और उन वीर सैनिकों की महानता को महसूस किया जिन्होंने राष्ट्र प्रेम के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
भुज और कच्छ रण संग्रहालय का यह शैक्षिक भ्रमण रक्षा एवं सामरिक अध्ययन तथा एमएसडब्ल्यू विभाग के छात्रों के लिए एक मूल्यवान अनुभव रहा। इसने उन्हें क्षेत्र के सामरिक महत्व, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की गहरी समझ प्रदान की। इस बहु-विषयक दृष्टिकोण ने छात्रों को अपनी शैक्षिक पढ़ाई को वास्तविक जीवन स्थितियों से जोड़ने में मदद की, जिससे उन्हें क्षेत्र की रक्षा और विकास से जुड़ी जटिलताओं की अधिक समग्र समझ मिली।