नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक खींचतान के माहौल में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति व्यक्त की गई मित्रता और प्रशंसा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। ट्रंप ने पीएम मोदी को न सिर्फ “महान प्रधानमंत्री” कहा, बल्कि उन्हें अपना “अच्छा दोस्त” भी बताया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका के संबंध खास हैं, और हालांकि कभी-कभी इनमें तनाव आ सकता है, लेकिन यह रिश्ता मजबूत बना रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप की इस टिप्पणी का जवाब देते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और भारत-अमेरिका रिश्तों की सकारात्मक सोच की गहरी सराहना करते हैं और उसका पूरा समर्थन करते हैं।
ट्वीट देखें: https://x.com/narendramodi/status/1964180697012228163
क्या है भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव की वजह?
हाल के समय में भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में कुछ खटास देखने को मिली है। अमेरिका ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 50% तक आयात शुल्क (टैरिफ) लगा दिया है।
टैरिफ कैसे बढ़ा?
- अगस्त में ट्रंप प्रशासन द्वारा 25% शुल्क लगाया गया था।
- इसके बाद भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर अतिरिक्त 25% शुल्क भी जोड़ा गया।
इन फैसलों ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को प्रभावित किया है, लेकिन कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर संपर्क और सहयोग अब भी बरकरार है।
पीएम मोदी का जोर: रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि गहरा और दूरदर्शी वैश्विक सहयोग है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में लगातार अपने संबंधों को मजबूत कर रहे हैं।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
- रक्षा: अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकी साझेदारी में भारत-अमेरिका सहयोग।
- तकनीक: साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा प्रोटेक्शन जैसे विषयों पर सहयोग।
- ऊर्जा: क्लीन एनर्जी और गैस सप्लाई में संयुक्त पहल।
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र: क्षेत्रीय स्थिरता और शक्ति संतुलन के लिए सामरिक साझेदारी।
मोदी ने यह भी कहा कि व्यापारिक मतभेदों के बावजूद दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों की अहमियत बनी हुई है, जो द्विपक्षीय रिश्तों को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है।
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भारत-अमेरिका के रिश्ते: दोस्ती के साथ संतुलन भी
भारत और अमेरिका के रिश्तों में ऐतिहासिक रूप से दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का मेल रहा है।
हालाँकि, दोनों देशों के बीच समय-समय पर नीतिगत या व्यापारिक मुद्दों पर मतभेद सामने आते रहे हैं, जैसे:
- टैरिफ और शुल्क का विवाद
- डेटा और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के नियम
- अंतरराष्ट्रीय रणनीतियों पर दृष्टिकोण का अंतर
निष्कर्ष: स्थिरता और संवाद ही भारत-अमेरिका रिश्तों की पहचान
भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में भले ही कुछ असहमतियाँ हों, लेकिन संवाद और परस्पर सम्मान की भावना दोनों देशों को जोड़कर रखती है। प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया बयानों का आदान-प्रदान इस बात का संकेत है कि व्यक्तिगत संबंधों की भूमिका, देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
यह भी स्पष्ट होता है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, कूटनीतिक और व्यक्तिगत स्तरों पर रिश्ते अब सिर्फ अवसरों पर आधारित नहीं, बल्कि स्थायित्व और भरोसे पर आधारित होते जा रहे हैं।