भारत है विश्व का ‘हृदय’, ईश्वर का अवतरण यहीं होता है- साध्वी जाह्नवी भारती
देहरादून। ईश्वर सदा भक्तों के हृदय में वास करते हैं, उनका प्राकट्य जब भी हुआ महान भारत भूमि पर हुआ, फिर साकार स्वरूप में उन्होंने अनेकों लीलाएं करते हुए भक्तों को कल्याण का मार्ग प्रदान किया, इसीलिए! महापुरूष भारत को विश्व का हृदय कहा करते…