कथा केवल श्रवण नहीं, आत्मकल्याण का माध्यम है : बापू
हरिद्वार: की पावन भूमि पर तीसरे दिन के कथा संवाद में बापू ने “असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मामृतं गमय” सूत्र का भावार्थ समझाया। उन्होंने कहा कि असत्य से सत्य की ओर ले जाना सत्य है, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना प्रेम है और…