एमआईटी-डब्ल्यूपीयू छात्रों के लिए वित्तीय नियोजन में करियर के नए अवसर

देहरादून: एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (एमआईटी-डब्ल्यूपीयू) के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स ने फाइनेंशियल प्लानिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड लिमिटेड की भारतीय सहायक कंपनी एफपीएसबी इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य पात्र छात्रों को नियमित शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP®) सर्टिफिकेशन हासिल करने का अवसर उपलब्ध कराना है। समझौते के तहत छात्रों को वित्तीय नियोजन और वेल्थ मैनेजमेंट के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त शिक्षा एवं पेशेवर दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।

इससे विद्यार्थियों को बैंकिंग, बीमा, निवेश सलाह, वेल्थ मैनेजमेंट, फिनटेक और अन्य वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बेहतर करियर संभावनाओं के लिए तैयार किया जा सकेगा।
यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है, जब भारत का वित्तीय क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। वित्तीय सेवाओं तक पहुंच, निवेश उत्पादों में घरेलू भागीदारी तथा पेशेवर वित्तीय सलाह की मांग लगातार बढ़ रही है। आरबीआई के वित्तीय समावेशन सूचकांक के अनुसार मार्च 2026 में भारत का वित्तीय समावेशन स्कोर बढ़कर 70.0 हो गया। इससे वित्तीय सेवाओं की पहुंच, उपयोग और गुणवत्ता में हो रही निरंतर प्रगति का संकेत मिलता है।

सीएफपी सर्टिफिकेशन को पेशेवर वित्तीय नियोजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण वैश्विक मानक माना जाता है। इसके अंतर्गत निवेश नियोजन, सेवानिवृत्ति नियोजन, कराधान, जोखिम प्रबंधन और एस्टेट प्लानिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इसके माध्यम से वित्तीय पेशेवर ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यापक एवं प्रभावी वित्तीय समाधान उपलब्ध कराने में सक्षम होते हैं। सितंबर 2026 तक दुनिया के 29 देशों में 2.36 लाख से अधिक सीएफपी पेशेवर कार्यरत हैं। भारत में भी सीएफपी पेशेवरों की संख्या बढ़कर करीब 3,534 हो गई है। यह आंकड़ा देश में योग्य एवं प्रशिक्षित वित्तीय सलाहकारों की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है।

इस अवसर पर एफपीएसबी इंडिया के सीईओ रमेश विश्वनाथन ने कहा कि भारत के तेजी से विस्तार लेते वित्तीय परिदृश्य में वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण वित्तीय शिक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। वित्तीय विकल्पों के लगातार जटिल होने के बीच छात्रों को ग्राहकों की परिस्थितियों को समझकर सही वित्तीय निर्णय लेने में सहायता करने के लिए पेशेवर ज्ञान की आवश्यकता है। एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के साथ यह साझेदारी अकादमिक शिक्षा को वैश्विक पेशेवर मानकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स की डीन डॉ. अंजलि साने ने कहा कि एमओयू शैक्षणिक पाठ्यक्रम में वैश्विक पेशेवर मानकों को शामिल करने तथा विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सीएफपी सर्टिफिकेशन का मार्ग उपलब्ध कराकर छात्रों को प्रासंगिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से समृद्ध किया जा रहा है, ताकि वे भारत की वित्तीय समावेशन और धन सृजन की यात्रा में प्रभावी योगदान दे सकें। साझेदारी के माध्यम से छात्रों को कैश-फ्लो मैनेजमेंट, टैक्स प्लानिंग, रिटायरमेंट प्लानिंग और रिस्क मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।

साथ ही, सीएफपी सर्टिफिकेशन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर करियर के नए अवसर भी खोल सकती है। वर्तमान में भारत वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ औपचारिक बचत और निवेश उत्पादों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित वित्तीय नियोजन विशेषज्ञों की मांग भी बढ़ रही है। एमआईटी-डब्ल्यूपीयू और एफपीएसबी इंडिया की यह साझेदारी उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कुशल एवं पेशेवर वाणिज्य और अर्थशास्त्र स्नातकों की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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