पीएम श्री राजकीय इण्टरमीडिएट कॉलेज दुआधार में दो दिवसीय समर कैम्प का समापन
नई टिहरी। पीएम श्री राजकीय इण्टरमीडिएट कॉलेज में अटल टिंकरिंग लैब के तत्वावधान में IIT Kanpur एवं समग्र शिक्षा के संयुक्त सहयोग से दिनांक 25 मई 2026 से 26 मई 2026 तक आयोजित दो दिवसीय “समर कैम्प 2026” का आज सफल समापन हो गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता एवं अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना था। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश चन्द्र जोशी के मार्गदर्शन में किया गया। कैम्प के सफल संचालन में हेमराज फरस्वाण, अटल टिंकरिंग लैब प्रभारी राकेश बछुवाण तथा IIT Kanpur द्वारा नियुक्त मेंटर मुकेश दियाल की विशेष भूमिका रही।
समर कैम्प में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न रचनात्मक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों में प्रतिभाग किया। पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “सौर ऊर्जा से चलने वाले भविष्य के गाँव”, “समुद्र साफ करते रोबोट”, “50 साल बाद की धरती”, “भविष्य के अंतरिक्ष शहर” तथा “प्रकृति और तकनीक का संतुलन” जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र एवं पोस्टर बनाए।
वाद-विवाद एवं तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “क्या एआई नौकरियाँ बनाएगा या खत्म करेगा?”, “क्या तकनीक प्रकृति को बचा सकती है?”, “क्या भविष्य में इंसानों को मंगल ग्रह पर रहना चाहिए?” तथा “तकनीक बनाम मानव रचनात्मकता” जैसे समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
नारा लेखन प्रतियोगिता में “हरित ऊर्जा, उज्ज्वल भविष्य”, “मानवता के लिए एआई”, “आज एक पेड़, कल ऑक्सीजन” तथा “जिम्मेदारी के साथ तकनीक” जैसे प्रेरणादायक नारों ने सभी को प्रभावित किया। वहीं कविता लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “धरती का आखिरी पेड़”, “मेरा दोस्त रोबोट”, “मंगल ग्रह से एक पत्र” तथा “सन् 2075 की धरती” जैसे विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता और साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
एसटीईएम कॉमिक एवं इनोवेशन कॉमिक गतिविधियों में विद्यार्थियों ने “धरती बचाने वाला एआई बच्चा”, “जंगल लगाने वाला रोबोट”, “ब्लैक होल मिशन” तथा “एस्ट्रो-बॉट के रोमांचक कारनामे” जैसी रोचक वैज्ञानिक कहानियों को कॉमिक रूप में प्रस्तुत किया।इसके अतिरिक्त एस्ट्रोफिजिक्स विशेष सत्रों में विद्यार्थियों को “ब्लैक होल – ब्रह्मांड का रहस्य”, “एलियन जीवन की खोज”, “वॉर्महोल के अंदर क्या होता है?”, “तारों का जन्म और मृत्यु” तथा “मिल्की वे से परे की यात्रा” जैसे विषयों की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक से जुड़ी जानकारियों को बड़े उत्साह के साथ सीखा।समापन अवसर पर प्रधानाचार्य श्री रमेश चन्द्र जोशी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता एवं नवाचार कौशल को विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने IIT Kanpur एवं समग्र शिक्षा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं।
अटल टिंकरिंग लैब प्रभारी श्री राकेश बछुवाण ने बताया कि विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ भाग लिया तथा भविष्य में भी विद्यालय में इसी प्रकार की नवाचार आधारित गतिविधियाँ आयोजित की जाती रहेंगी। समापन के अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री हेमराज फरस्वाण, श्री दुर्गेश सती, श्री आशुतोष उपाध्याय, श्री पंकजपुष्प रावत, श्री रमेश चन्द्र असवाल, श्री केशवानन्द भट्ट आदि भी उपस्थित रहें|
