पहलगाम की दर्दनाक कहानी: पहली बरसी पर ‘जब समय थम सा गया’
देहरादून, पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर हमले की पहली बरसी के अवसर पर ‘पहलगाम… जब समय थम सा गया’ पुस्तक का विमोचन किया गया। यह पुस्तक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान द्वारा लिखी गई है, जो घटना के दिन अपने परिवार सहित पहलगाम में मौजूद थे। लेखक ने उस भयावह दिन के अपने निजी अनुभवों को शब्दों में पिरोकर पाठकों के सामने प्रस्तुत किया है।
चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उन्हें अपनी पुस्तक की प्रति भेंट की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में घटित घटना के दिन का वातावरण, परिस्थितियाँ और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। पुस्तक के अंतिम भाग में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहलगाम में एक वर्ष पूर्व हुआ आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। उन्होंने हमले में मारे गए पर्यटकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से जिस प्रकार विश्व मंच पर अपनी दृढ़ता और क्षमता का परिचय दिया, वह ऐतिहासिक रहा है।