क्यूआरटी की कार्रवाई: गैस की कालाबाज़ारी का भंडाफोड़, आरोपी दबोचा गया

देहरादून,  जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्यूआरटी को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला चौक से मांडूवाला मार्ग पर आनंदी हाउस के समीप एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए टीम ने मौके पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस के सहयोग से मौके से 19 किलोग्राम के 02 गैस सिलेंडर, 14 किलोग्राम के 04 गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 01 हैंगिंग वेटिंग मशीन तथा रिफिलिंग में प्रयुक्त उपकरण (बांसुरी) बरामद कर जब्त किए गए। मौके पर शिवम पुत्र मुकेश को अवैध रिफिलिंग करते हुए पकड़ा गया। जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 एवं एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इस संबंध में थाना प्रेमनगर में आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग जैसे कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन की टीमें आगे भी सतत निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की सुचारू एवं सुरक्षित उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन 1077, 0135-2626066, 2726066 एवं व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर एलपीजी आपूर्ति से संबंधित कुल 09 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद में आज लगभग 13,913 घरेलू एवं 1,005 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। वर्तमान में घरेलू एलपीजी के 25,861 तथा व्यावसायिक एलपीजी के 4,313 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ-साथ व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी लगातार बढ़ाई जा रही है।

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