विश्व लिवर दिवस पर संदेश: समय रहते जांच और सही जीवनशैली से रखें लिवर स्वस्थ
देहरादून, लिवर स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ‘विश्व लिवर दिवस’ के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून द्वारा विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में लिवर की बीमारियों की रोकथाम, समय पर पहचान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिनका मुख्य कारण असंतुलित खान-पान, शराब का सेवन, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी है। लिवर शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पाचन में सहायता करने और शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है।
मैक्स अस्पताल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं लिवर ट्रांसप्लांट के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. मयंक नौटियाल ने कहा कि लिवर से जुड़ी बीमारियां अक्सर शुरुआती चरण में बिना लक्षण के विकसित होती हैं, जिससे इन्हें “मूक बीमारी” कहा जाता है। उन्होंने बताया कि जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच और समय-समय पर स्क्रीनिंग कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने लोगों को संतुलित आहार लेने, वजन नियंत्रित रखने, मधुमेह पर नियंत्रण, नियमित व्यायाम और शराब के सेवन से बचने की सलाह दी। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का सेवन न करने पर भी जोर दिया।
डॉ. नौटियाल ने बताया कि ‘लिवर फंक्शन टेस्ट’ के माध्यम से लिवर की स्थिति का प्रारंभिक आकलन किया जा सकता है, जिससे गंभीर जटिलताओं को समय रहते रोका जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार थकान, पेट में असहजता, पीलिया, भूख न लगना या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
अस्पताल प्रशासन ने अपील की कि लोग नियमित जांच, समय पर इलाज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लिवर को सुरक्षित रखें। जागरूकता और निवारक उपायों के जरिए लिवर रोगों के बढ़ते खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
